Lesson 3 — कबीर की साखियाँ

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Teacher Explains

Hindi Literature
📌 जाति का महत्व नहीं📌 गाली का जवाब📌 बाहरी दिखावा📌 किसी को छोटा न समझें

✨ जाति का महत्व नहीं

*   जाति मायने नहीं रखती
* जाति मायने नहीं रखती

नमस्ते बच्चों!

✨ गाली का जवाब

*   दुर्व्यवहार का जवाब दें
* दुर्व्यवहार का जवाब दें

आज हम कबीरदास जी की साखियाँ पढ़ेंगे। कबीरदास जी एक बहुत बड़े कवि और संत थे। उन्होंने हमें प्रेम और ज्ञान का रास्ता दिखाया। उनकी साखियाँ हमें जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण बातें सिखाती हैं।

✨ बाहरी दिखावा

*   बाहरी दिखावट
* बाहरी दिखावट

आज हम कुछ साखियाँ पढ़ेंगे। पहली साखी हमें बताती है कि हमें किसी की जाति नहीं पूछनी चाहिए, हमें ज्ञान को देखना चाहिए। जैसे तलवार की कीमत होती है, म्यान की नहीं। अगली साखी में कबीर कहते हैं कि अगर कोई आपको गाली दे, तो चुप रहना बेहतर है क्योंकि गाली का जवाब गाली से देने पर वह बढ़ जाती है।

✨ किसी को छोटा न समझें

*   किसी को कम मत समझो
* किसी को कम मत समझो

एक और साखी में कबीरदास जी बाहरी दिखावे के बारे में बात करते हैं। वे कहते हैं कि माला जपने और राम-राम कहने से कुछ नहीं होता, अगर आपका मन शांत नहीं है। हमें कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि एक छोटी सी घास भी आँख में पड़ने पर बहुत तकलीफ देती है। अंत में, कबीर कहते हैं कि अगर आपका मन शांत है तो इस दुनिया में कोई भी आपका दुश्मन नहीं हो सकता। हमें अहंकार छोड़कर दयालु बनना चाहिए, तभी सब लोग हमसे प्यार करेंगे।

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